तारक मेहता का उल्टा चश्मा: अय्यर की तपस्या को समझने के लिए बबिता बनीं मेनका, देखें वीडियो

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अय्यर की तपस्या का कारण जान बबीता पूरी तरह हैरान हो जाती हैं (फोटो साभार- इंस्टाग्राम @taarakmehtakaooltahchashmahnfp)

अय्यर की तपस्या का कारण जान बबिता पूरी तरह हैरान हो जाती हैं (फोटो साभार- इंस्टाग्राम @taarakmehtakaooltahchashmahnfp)

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा (तारक मेहता का उल्टा चश्मा)’ की गोकुल धाम सोसाइटी में रहने वाले अय्यर इस बात से हैरान हैं कि दुनिया में विज्ञान ने इतनी तरकी करने के बावजूद भी वैक्सीन नहीं खोज पा रहे हैं। इस पर वह अखंड तपस्या करने का निर्णय लेते हैं।

  • News18Hindi
  • आखरी अपडेट:19 अक्टूबर, 2020, 6:56 अपराह्न आईएसटी

नई दिल्ली। टीवी का कोपुलर कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा (तारक मेहता का उल्टा चश्मा)’ की गोकुल धाम सोसाइटी कोरोनावायरस का इलाज जल्द से जल्द मिल जाएगा, इसके लिए हल्ना कर रहा है। सोसाइटी में रहने वाले सभी लोग लॉकडाउन से तंग आ चुके हैं। गोकुल धाम का हर एक शख्स अपनी बिगड़ी हुई दिनचर्या को लेकर परेशान हो गया है। वहीं, अय्यर इस बात से हैरान हैं कि दुनिया में विज्ञान ने इतनी तरकी करने के बावजूद भी वैक्सीन नहीं खोज पा रहे हैं। इस पर वह अखंड तपस्या करने का निर्णय लेते हैं और तय करते हैं कि जब तक उन्हें इस बीमारी का हल नहीं मिलेगा तब तक वह अखंड ध्यान करेंगे।

वह अपनी पत्नी बबीता को अपने यह विचार के बारे में बताते हैं और उन्हें यह विनती करते हैं कि उन्हें कोई भी परेशान न करे। पिछले कुछ दिनों से बबीता, अय्यर की परेशानी हर दिन बढ़ती हुई महसूस कर रही है। पिछले 6-7 महीने से अधिक समय से वह घर पर ही है और इस कारण उनका तनाव बढ़ता ही जा रहा है और इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उनकी तपस्या का कारण जान बबिता पूरी तरह हैरान हो जाती है। बबिता उन्हें समझाने की कोशिश करती है, पर अय्यर अपनी पत्नी की बात को अनसुनी कर अपने निर्णय पर अड़े रहते हैं। वह उन्हें समझाती है कि इस तरह के भूके-प्यासे रहकर कोई उपाय नहीं निकलता, बल्कि इससे उन्हें शारीरिक पीड़ा हो सकती है।

अपने निर्णय पर अय्यर को दृढ़ होते हुए देख बबिता उनसे बहस करने छोड़ देती है, लेकिन अय्यर को पूरा दिन बिना हिले एक ही स्थान में ध्यान करते देख उनकी चिंता बढ़ जाती है। बिना खाना खाये या आराम करे अगर अय्यर ऐसे ही लगे रहे तो उनकी स्वास्थ्य खराब होने की चिंता से वह डर जाती है और मेनका के रूप में विश्वामित्र बने अय्यर की एकाग्रता तोड़ने का प्रयास करती है। अय्यर का ध्यान खंडित क्या होगा? बबीता अपने प्रयास में क्या सफल होगी? ये सब जानने के लिए आपको पूरा शो दिखाना होगा।



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